९. ” गला भर आया “
(….आगे….)
हालाँकि सुशी कुछ चुप चुप सी हो गयी ,
गुस्से का हक वो उसका जता रही।
सुश्या का तो दिल ही बैठ गया,
बात करना उसका सब से बंद हो गया।
मन में बहुत कुछ जमा हो गया,
आँखें और गला उसका पल में भर आया…
९. ” गला भर आया “
(….आगे….)
हालाँकि सुशी कुछ चुप चुप सी हो गयी ,
गुस्से का हक वो उसका जता रही।
सुश्या का तो दिल ही बैठ गया,
बात करना उसका सब से बंद हो गया।
मन में बहुत कुछ जमा हो गया,
आँखें और गला उसका पल में भर आया…