4. “.Friend Request.”
(……आगे…..)
कई पलों की दूरियां थी,
बीते पलों की याद थी,
कॉफी ना होती थी अब आए दिन,
याद आते थे वो बीते पुराने दिन,
एक दिन…
अनु की तरह मेरे दोस्तों ने मुझे,
ऑरकुट अकाउंट निकाल दिया,
उसमें सबको जोड़ दिया,
फिर अजनबी भी आ गए,
फिर एक एयर होस्टेस की फ्रेंड रिक्वेस्ट थी,
ना जाने कैसे मुझे वो जानती थी,
मिठी मीठी बातें करती थी,
तो बाकी दोस्त Orkut पर बिछड़ गए…..
एयर होस्टेस दोस्त की बहन निकली,
तो मैंने दोस्त की रिक्वेस्ट पेंडिंग रख दी,
लेकिन फिर भी उसने एयर होस्टेस को देख ली,
फोन कर दोस्त ने मुझे कड़वी बाते सुनाई,
डाट इतनी मैने कभी किसी से ना खाई,
बात करनी है तो ये लो नंबर बोली,
ना ना करते मैने उसे मुश्किल से मनाया,
” एयर होस्टेस कहा, आप ही मन को भाए.. “
“किंगफिशर” की फ्लाइट मानों गायब ही हो गई,
और एयर होस्टेस के साथ कॉफी डेट भी ना हुयी,
क्या कहूं अब मैं, कैसे मुश्किल की वो घड़ी थी?
कयामत मुझे दिन में ही तारे दिखा रही थी…
– सुश्या
