20. “.बात ना करो.”


(…..आगे…..)

सुबह उठकर ‘सुशी’ ने जब 📲 देखा,
आसुओं के बांध को उससे ना रुका,

रोते हुए कॉल कर,
उसने ‘सुश्या’ को ऐसे सुनाया,
सुबह सुबह आँखों के सामने उसके तारा चमकाया…