१६. आग
(…..आगे…..)
सुशी के दिमाग में सुलग रही थी बदले की आग,
इसीलिए उसने सहेलियों का इकट्ठा किया वहां mob,
चुपके से सुश्या ने भेजा उसे एक sms,
” Forgive me now
else
I will be in seclusion
or
Forget everything
Now I am disappearing..”
पढ़ मेसेज चुपके से हंस पड़ी सहेलियां और सुशी,
मुंह लटकाए बैठा था दूर अकेला सुश्या,
” चाहत नहीं अगर तुझे,
तो क्या जरूरत पड़ी मुझे….”
