15. ” Just Go away… “
(…..आगे…..)
अभी भी कोई replay नहीं था….
‘सुशी’ का गुस्सा बढ़ रहा था…
तुम ही हो जो दूर मुझसे जाना चाहते हो,
आरोप मुझ पर हमेशा तुम ही लगाते हो,
सच मानो बात मेरी
कमी तुम्हारी बहुत मैं महसुस करती हूं,
आवाज सुनने के लिए तुम्हारी,
कितना मैं यहां तरसती हूं,
कभी ना समझ पाओगे तुम,
फोन दिन रात मैं देखती हूं,
रोते हुए दिल का ये गम,
हंसकर मैं छुपाती हूं,
क्या करू मैं अब ये क्या से क्या हो गया
Helpless खुदको को मैं देखती हूं,
बस हुआ अब बहोत हो गया
Just Go away… तुम्हारे सिवा मैं रह सकती हूं…
– सुशी
