14. “.Hate you.”


(…..आगे…..)

इस अनजान शहर में रहा ना जाए,
कैसे कहे अब ‘सुशी’ से सहा ना जाए…
जैसे जैसे इंतजार बढ़ रहा था,
गुस्से का ज्वालामुखी ‘सुशी’ के अंदर पनप रहा था…