13. ” भुला दिया “
(…..आगे…..)
Replay के इंतजार में ‘सुशी’ का अगला खत,
न जाने कब पहुंचेगी ये भावना ‘सुश्या’ तक 
Busy तुम इतने हुए,
मानो नंबर मैने बदल दिया,
भीड़ भरी दुनिया में,
तुमने मुझे भुला दिया,
कभी न चाहा मैने
वो फासला तुमने बना दिया,
कभी न सोचा मैने
वो दिन तुमने दिखा दिया,
अच्छा किया जो तुमने
छुटकारा मुझसे पा लिया,
बोलो ना क्यों ऐसे तुमने
सब आसानी से भुला दिया,
झगडालू इस दोस्त को
बिन बोले सजा दिया,
सच पूछो तुम अपने दिल को
क्या कभी ना तुमने मुझे mis किया?
कैसे बताऊं मैं तुम्हे अब
Mis मैं बहुत तुम्हे करती हु,
कुछ फर्क भी पड़ता है तुम्हे अब
मैं दुनिया में रहूं ना रहूं,
अपने आप से ज्यादा
वक्त मैंने तुम्हे हर पल दिया,
जानो तुम भी मुझसे ज्यादा
क्या किसी ने तुम्हे इतना mis किया ?
कितनी आसानी से तुमने
मुझे फिर दर्द से रूला दिया,
सुनूं तो एक बार मैं तुमसे
क्यों मैने हक तुम्हारा खो दिया ?
– सुशी
