२. ” खो गई सपनों में “
( ‘नेत्रा’ और ‘पत्र’ भाग -१
में हमने देखा 👎)
आए हुए पत्र में थीं मिलने की घड़ियाँ,
नाचते हुए गाई गुलाबी वो कोयलिया…
(…अब आगे…) 💃🕺
फोन उठाकर उसने किया ‘सुश्या’ को call,
कहते-कहते वह बुन गई सपनों के जाल,
” मिलने वाली हूँ तुमसे आज शाम मैं,”
सुनकर यह ‘सुश्या’ ने पाया अपने आप को स्वर्ग में…
