“श्रीराम तुझमें दिखते है “
तुझमें श्रीराम दिखते है,
तेरे अंदर वो बसते हैं।
हसीं मरीज की बनती हैं,
जीवन नया जो देते हैं।
तेरी सेवा में हैं वो रमे,
हर दर्द को पल में दूर कर दे।
वो जादू है तेरे हाथों में,
जो हर ज़ख्म को भर दे।
तेरे आने की आहट में,
ईश्वर का वास मिलता है।
तेरी आँखों की चमक में,
अंधियारे जीवन की रोशनी है।
तेरी मुस्कान में वो दिखते है,
तेरे स्पर्श में वो मिलते है।
तुझमें भगवान बसते है,
श्रीराम तुझमें दिखते है।
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