मेरी समझ में
मेरी समझ में आप ना-समझ है
आपके जीने की कोई दिशा नहीं है।
आपके दिल और दिमाग को आराम नहीं है,
मन में आपके शांति नहीं है,
आपके हाथों को विश्राम नहीं है,
पैरों को आपके आराम नहीं है,
किसी बात का कुछ मतलब नहीं है,
काम का आपके कोई अंत नहीं है,
मन में आपके भावनाएं नहीं है,
मन को कोई बंधन नहीं है,
आँखों में कोई आशा नहीं है,
मन में कोई लक्ष्य नहीं है,
आम्रकुंज की यहां छाया नहीं,
छाया में वो ओस नहीं,
अस्तित्व की वो चेतना नहीं है,
कहीं भी कुछ मतलब नहीं,
क्यों की,
मेरी समझ में आप ना-समझ है…..
