मुसाफिर
जिंदगी तो है मुसाफिर कि सराय,
कई आये, कई गये,
जाने कौन कब दिलं छू जाये,
दिलं जहा लगे मुस्कराने,
वही समझो तुम पराये अपने,
जहा दिलं को कोई रुलाये,
समझो वही अपने पराये,
हर जनम बिछडे मिलाये,
कोई रुलाये, कोई हसाये,
अनचाहा दिलं को ना लगाये,
यही है जिंदगी कि राय,
चल तु जैसे मन गीत गाये….
