कोई तो चाहिए…
हमे पगली कहने के लिए,
पगली कहते हुए,
” हमारे अंदर की समझदारी को समझने के लिए,”
कोई तो चाहिए…
आपका साथ देने के लिए,
लड़खड़ाते समय,
” चुपके से आपको संभालने के लिए,”
कोई तो चाहिए…
अपनापन जानने के लिए,
कंटीली इस राह पर,
” रिश्ते में आंसुओं की कीमत समझने के लिए,”
कोई तो चाहिए…
रिश्ते निभाने के लिए,
जिंदगी के इस सफर में,
” ख़ुशी और ग़म के पलों को दिल में संजोने के लिए,”
कोई तो चाहिए…
हमें समझने के लिए,
मन में आने वाली,
” हमारी भावनाएं जानने के लिए,”
कोई तो चाहिए…
पल भर हमारा ना होना महसूस करने के लिए,
अंधेरे में टटोलते हुए हमे,
” रास्ता दिखाने के लिए,”
कोई तो चाहिए…
आवाज़ सुनने के लिए,
दूर होते हुए भी,
” दी गई आवाज पर हमे जानने के लिए “
कोई तो चाहिए…
हमें समझाने के लिए,
समझाते हुए प्यार से,
” जीवन का मतलब उजागर करने के लिए,”
कोई तो चाहिए…
दिल को छूने के लिए,
जुनून और सांस पर,
” धड़कते हुए दिल पे हक जताने के लिए,”
कोई तो चाहिए…
सुनने के लिए,
सुनते समय…,
“……अनजाने में आपकी
आंखों में खोने के लिए,
दिल में महसूस होने के लिए,
सांसों में समाने के लिए,
सांसों से … मन मंदिर में बैठने के लिए,
जीवन को आपके आत्मसात कर पूरा बनाने के लिए……”
- शुभदा
3.12.2023
